अभिभावक-शिक्षक संघ दिवस 2019 पर कार्याशाला का आयोजन

बोकारो ::  जिला शिक्षा विभाग के द्वारा अभिभावक शिक्षक संघ दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सेक्टर-1 स्थित अग्रसेन भवन में किया गया। कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन उपायुक्त श्री मुकेश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में शिक्षक व अभिभावक का अहम् योगदान होता है। इसलिए इन दोनों का आपसी सामंजस्य बच्चों के पढाई के लिए आवश्यक है।

उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य निर्माता होते हैं, इसलिए वो अपने कार्य के प्रति ईमानदार बने तथा गुणात्मक शिक्षा बच्चों को दें। इसके लिए उन्होंने शिक्षक को विद्यालय समय पर उपस्थित होने की बात कही। साथ ही बच्चों की उपस्थिति बढाते हुए सही शिक्षा बच्चों को देने का आह्वाहन किया। उनके अनुसार शिक्षकों को अपने ज्ञान को बेहतर तरीके से विद्यार्थियों को देना चाहिए ताकि बच्चे इसको आत्मसात कर सके।

उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि अभिभावकों का भी यह दायित्व होता है कि बच्चों को समय पर स्कूल भेजें तथा बच्चे की पढाई के प्रति संवेदनशील रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा सरकारी विद्यालयों में लगभग सारी व्यवस्था की जाती है। बच्चों के पठन-पाठन के लिए किताब, बेंच की सूविधा, जूत्ता-मोजा आदि सामग्री के लिए भी बच्चों के खाते में सीधे पैसा मुहैया कराया जाता है।

उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति अनिवार्य रूप से मजबूत होना चाहिए। इस समिति में कुल 16 सदस्य होते है, जिसमें अभिभावकों की संख्या 12 होती है। अभिभावकों को बच्चों के सही शिक्षण की दिशा में जो भी संभावनाएं हो सकती है को इस समिति के समक्ष मजबूती के साथ उठाना चाहिए।

उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के विद्यालयों में बच्चों के पढने के लिए प्रेरित करना चाहिए। साथ ही हूनर को पहचान कर उन्हें आगे लाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उस बच्चें के हूनर को सही स्थान मिल सके एवं दूसरे पंचायत भी उनसे सीख ले सके। उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि बच्चों के उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षकों का युक्तिकरण, ई-विद्या वाहिनी तथा ज्ञान सेतु कार्यक्रमों से बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमति नीलम आईलिन टोप्पो ने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों में 66 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति रहती है। इसे बढाने को लेकर शिक्षक एवं अभिभावक अवश्य प्रयास करें तथा शिक्षक गुणवतापूर्ण शिक्षा अपने छात्रों को दें।कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक श्रीमति रेणुका तिग्गा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री विकाश कुमार हेम्ब्रम, विभिन्न पंचायतों कें मुखिया, बीआरपी, सीआरपी के अधिकारी, अभिभावक सहित स्कूलों के शिक्षक उपस्थित थे।

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