10वाँ चिन्मय अलमुनाई मीट-2019, सोल्लास सम्पन्न, 25 वर्ष बाद मिले चिन्मय के ‘मार्विक-94’

राजेश कुमार/बोकारो :: चिन्मय विद्यालय के तपोवन सभागार में 10वाँ चिन्मय अलुमनाई मीट-2019 सोल्लास सम्पन्न हुआ। चारों तरफ हर्ष का वातावरण था। यह वार्षिक मीट – तीन दिनो ंतक चला, जिसमें कई प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रमों का अयोजन हुआ। सभी शिक्षक और पुराने छात्रों ने जो देश-विदेश से आये थे, पुरे उत्साह उमंग से भाग लिया। समापन समारोह का अयोजन चिन्मय विद्यालय के तपोवन सभागर में हुआ था।

दीव्य ज्योति वन राह दिखाते चलो।

समारोह का उद्घाटन विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री विश्वरुप मुखोपाध्याय, चिन्मय मिशन, बोकारो, आचार्या परम पूज्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती, विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी, प्रभारी प्राचार्य ए के झा, चिन्मय विद्यालय, बोकारो, अलुमनाई अध्यक्ष, शैवाल गुप्ता, चिन्मय विद्यालय, बोकारो, अलुमनाई उपाअध्यक्ष, संजीव कुमार मिश्रा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और संदेश दिया कि

‘‘मुस्कुराते रहो, चिन्मयम् चिन्मयम् गाते रहो

दीव्य ज्योति बन राह दिखाते रहो।’’

हमारा हृदय हमेशा आपके स्वागत को आतुर – दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात् प्रभारी प्राचार्य ए के झा ने सभी अतिथियों का हृदय क उच्चतम् उद्गार से स्वागत किया और उनके सामने विद्यालय की उपलब्धि एवं विकास की जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें आप और आपकी उपलध्यिों पर गर्व है और आपको अपने चिन्मय विद्यालय, बोकारो पर जो कि अपनी शैक्षणिक उपलब्धि के कारण भारतवर्ष के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में से एक है।

आप चिन्मय विचारधारा के संवाहक हैं – इस अवसर पर परम पूज्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने अपने आशीर्वचन में कहा कि – हमें गर्व है कि आप चिन्मय परिवार के सदस्य हैं यदि आप विशाल चिन्मय परिवार से जोड़कर देखें तो आपके माध्यम् से विशाल चिन्मय मिशन विशालतम् बन जाता है और विश्व के कोने-कोने में फैल चुका है। परम् पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद महाराज का यह स्वप्न था कि चिन्मय परिवार विश्व के कोने-कोने में फैले वह स्वप्न आपसे संभव-सा होता दिख रहा है। आप से अपील है कि जहाँ भी रहें, चिन्मय मिशन से जुड़कर रहें और अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व से मानव निर्माण समाज एवं विश्व कल्याण में अमूल्य योगदान करें, चिन्मय विचारधारा का अखिल विश्व में संवाहक बनें।

बन्दे गुरु परंपराम् – चिन्मय विद्यालय में गुरु और शिष्य के बीच उच्च स्तरीय आत्मिक संबंध रहा है और रहेगा। इसी परंपरा को और मजबूती देनें के लिए उन पुराने अनुभवी, समर्पित एवं योग्य शिक्षकों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया जिन्होंने विद्यालय को गौरवशाली बनाने में अमूल्य योगदान दिया था। उनके नाम इस प्रकार हैं – श्रीमती धारणी मुरली धरन, श्रीमती अर्चना मुखर्जी, श्रीमती सांत्वना सरकार, श्रीमती कल्पना चटर्जी, श्रीमती असीमा चट्टोपाध्याय।

चिन्मय व्याख्यान माला का आयोजन – प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर विद्यालय चिन्मय व्याख्यानमाला का अयोजन करता है जिसमें करियर के क्षेत्र में सफलतम पूववर्ती छात्र नए छात्रों को अपने संबोधन से अभिप्रेरित करते हैं एवं उन्हें सफल होने के गुड़ भी सिखाते हैं इस वर्ष के वक्ता रहे –

श्री अमरेन्द्र नारायण उपाध्याय, श्री अमित दास, अंजु सिंह, अर्पिता विनय, दीपाकर विट्टल, मानस सरकार, डाॅ रोहण शर्मा, श्रमिक सेनगुप्ता, स्वाति शर्मा

किसी परिचय के मोहताज नहीं श्रीमती चैताली राय – श्रीमती चैताली राॅय चिन्मय विद्यालय की पूर्ववर्ती छात्रा हैं जो कि अध्ययन में तो काफी सफल रही है परंतु नृत्य और संगीत की अनन्य साधना भी की हैं । अपने विलक्षण नृत्य, अभिनय एवं संगीत प्रतिभा के बल पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। विलक्षण नृत्य साधना के कारण ही उन्हें श्रीमती प्रयागराज, श्रीमती गोवा आदि की उपाधि से सम्मानित किया गया है – और वे वर्तमान में कई टी वी सीरियल में भी काम कर रही हैं । जब वे अपनी नृत्य की प्रस्तुति देती हैं तो उनके हर एक भाव-भंगिमा से स्वतः सुमधुर बोल फूट पड़ते हैं। उनकी नृत्य प्रस्तुति ने सबको विस्मृत कर दिया।

बच्चों की प्रस्तुति भी रही अति मोहक – इस अवसर अलुमनाई सदस्यों के बच्चों ने भी अपनेी प्रस्तुति दी जिसे सभी ने सराहा और उन्हें सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।

आपका रचनात्मक सहयोग और सुझाव हमेश वांछनीय – अंत में विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी ने सभी पूर्ववर्ती छात्रों को वार्षिक अलुमिनाई मीट में भाग लेने के लिए हार्दिक धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष ऐसे ही अपना विद्यालय आवें और अपने साथ लाएं अपना विश्व स्तरीय अनुभव और सुझाव ताकि उसका सदुपयोग कर विद्यालय को और बेहतर बनाया जाए।

समृद्ध हो ग्रंथालय अपना – इसी विचारधारा में मजबूती देते हुए गत वर्ष की भाँति इस वर्ष की चिन्मय एलुमिनाई ऐसोशिएशन ने स्थानीय पूर्ववर्ती छात्रों ने कई नवीन बहुमूल्य पुस्तक, विद्यालय के ग्रंथालय को उपहार स्वरुप प्रदान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिन्होंने अपना अमूल्य योगदान दिया- सोनाली गुप्ता (प्रमुख संयोजक), शैवाल गुप्ता, संजीव कुमार मिश्र, राजेश मिश, चिन्मय ओझा, नेहा अवतार, हिमांशी टंक

इसी आशा के साथ कि अगले वर्ष पुनः और अधिक खुशी लेकर यहीं फिर एक दूसरे से मिलेंगें यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

Related News