सभी NGO को पर्याप्त संख्या में बाल अधिकार हनन के मामलों को आयोग के समक्ष रखने का निदेश

बोकारो :: उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में आगामी 20 सितम्बर को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के आगमन की तैयारी को लेकर कार्यालय कक्ष में बैठक की गई। उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि बाल अधिकार अधिनियम, बाल अधिकारों के संरक्षण एवं विकास के बनाये गए कानूनों के क्रियान्वयन का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। उनके अनुसार किशोर न्याय, शिक्षा का अधिकार, पोक्सो एक्ट, बाल विवाह इत्यादि मामलों को आयोग के समक्ष रखा जायेगा तथा उसके समाधान हेतु प्रयास किया जायेगा।
उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा ने बैठक में उपस्थित सभी एनजीओ को आयोग के समक्ष पर्याप्त संख्या में बाल अधिकार हनन के मामलों को रखने का निदेश दिया। साथ ही 17 सितम्बर तक इसे जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक में लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा।

बैठक में विशेष तौर पर फुटपाथ में रहने वाले, विद्यालय जाने वाले, बाल देखभाल संस्थाओं में रहने वाले, छात्रावास में रहने वाले अथवा ऐसे अन्य स्थानों में रहने वाले बच्चे जहाँ शिक्षा या प्रशिक्षण प्राप्त किया जाता है के अधिकारों के हनन की चर्चा की गई। साथ ही बच्चों से व्यवसायिक तौर पर सश्रम कार्य, बाल श्रम से मुक्त बच्चों को प्रत्यावर्तन, सड़क पर सामग्री बेचने वाले बच्चे, ऐसिड हमलों से संबंधित बच्चे, भीख मांगने, शारीरिक शोषण, घरेलु हिंसा, पुलिस द्वारा प्रताड़ना, बच्चों को बेचना, यौन शोषण, मुआवजा, इलाज से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई तथा सभी गैर सरकारी संगठनों को 17 सितम्बर तक विस्तृत रिपोर्ट देने का निदेश दिया गया।

बैठक में सिविल सर्जन डाॅ. अशोक कुमार पाठक, उपाधीक्षक सदर अस्पताल श्री अर्जुन प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय श्री सतीश झा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमति मनीषा वत्स, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमति नीलम आईलिन टोप्पो, जिला शिक्षा अधीक्षक श्रीमति रेणुका तिग्गा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री विकाश कुमार हेम्ब्रम सहित विभिन्न एनजीओ के सदस्य उपस्थित थे।

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