झारखंड प्रारंभिक शिक्षक संघ ने शिक्षा सचिव एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशक को सौंपा मांग-पत्र

धनबाद / कुमार यूडी :: झारखंड प्रारंभिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल ने आज दिनांक 16/9/2019 को शिक्षा सचिव एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मिलकर मांगों से अवगत कराते हुए मांग पत्र सौंपा । प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आनंद किशोर साहू , प्रदेश महासचिव बलजीत सिंह तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित सोनू मुख्यरूप से शामिल थे।

उक्त मांग पत्र में निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं-

👉 2015-16 एवं 2019 में नियुक्त प्रारंभिक शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण का सामूहिक अवसर, सभी बाधक नियमों को शिथिल करते हुए प्रदान की जाए । क्योंकि नियुक्ति के समय काउंसलिंग में प्रमाण पत्र जप्त कर गृह जिला में नियुक्त होने से वंचित कर दिया गया था , एक साथ काउंसलिंग नहीं की जा सकी थी और से शॉर्टलिस्टिंग के द्वारा गृह जिला से नाम हटाकर अपने गृह जिला में नियुक्ति होने से वंचित कर दिया गया था । बहुत बड़ी संख्या में शिक्षक अपने घर एवं गृह जिला से 500 – 700 किलोमीटर दूर तक अन्य जिलों में नियुक्त होकर पढ़ाने को विवश हुए । दूर आने जाने के क्रम में सैकड़ों शिक्षक दुर्घटनाग्रस्त होकर अपने हाथ-पांव तुड़वा चुके हैं । कई शिक्षकों की दुर्घटना में असामयिक मौत भी हो चुकी है अंतर जिला स्थानांतरण नहीं होना एक गंभीर समस्या है । स्थानांतरण पर रोक लगाया जाना शिक्षकों पर भारी कुठाराघात है । शिक्षक हताश ,निराश और गहरी मानसिक पीड़ा में है ।

जिस प्रकार हाई स्कूल के शिक्षकों का सामूहिक रूप से अंतर जिला स्थानांतरण कर उन्हें अपने गृह जिला या इच्छित जिला में भेज दिया गया , उसी प्रकार प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी सामूहिक अंतर जिला स्थानांतरण का एक अवसर प्रदान करने की कृपा की जाए । ताकि शिक्षक सकून एवं पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य कर सकें ।

👉केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों को जिस प्रकार परिवहन भत्ता दिया जाता है उसी प्रकार झारखंड राज्य में भी शिक्षकों को परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाए ।

👉 पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः बहाल की जाए ताकि सबों का बुढ़ापा सुरक्षित हो सके ।

👉स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ) ,झारखंड सरकार के पत्रांक 1441 दिनांक 4/9/ 2019 के राज्य स्तरीय बैठक में हुए निर्णय के अनुसार यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि दिनांक 30 नौ 2019 तक मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन एवं सेवा संपुष्टि की कार्रवाई संपन्न की जाए परंतु इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है और कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश जिलों में यह कार्य शिथिल पड़ा हुआ है । अतः इस बाबत अनुरोध है कि जिलों को पुनः का रिमाइंडर भेजा जाए और त्वरित गति से यह कार्य पूरी करायी जाए ।

👉 वर्तमान वर्ष 2019 में हुई काउंसलिंग में नियुक्त शिक्षकों का 1 सप्ताह के अंदर सभी प्रमाण पत्रों के सत्यापन हेतु संबंधित संस्था से अनुरोध वांछित प्रक्रिया के तहत कर लिए जाने का निर्देश राज्य द्वारा सभी जिलों को दिया गया है । परंतु इस कार्य में अभी तक संबंधित डीएसई द्वारा ठोस पहल नहीं की जा रही है । ऐसी परिस्थिति में वेतन प्रारंभ होने में देर हो सकती है , और वर्तमान में नियुक्त शिक्षकों को गंभीर आर्थिक परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ सकता है । अतः इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कर लिए जाने का आग्रह है ।

👉 नई प्रोन्नति नियमावली में 1 से 5 एवं 6 से 8 के शिक्षकों को क्रमशः ग्रेड 4 एवं ग्रेड7 में प्रोन्नति के लिए समान रूप से अवसर प्रदान किए जाने का प्रावधान किये जाएं । ताकि नवनियुक्त (1 से 5 एवं 6 से 8 ) के शिक्षकों के हितों की अनदेखी ना हो ।

👉 6 से 8 मैं नियुक्त शिक्षकों की वरीयता अक्षुण्ण रखी जाए ।

👉 ग्रेड 7 के सभी पद प्रोन्नति से भरे जाएं ।

👉 राज्य भर के सभी उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पदों का सृजन जल्द पूरा की जाए ताकि ससमय प्रोन्नति का लाभ शिक्षकों को मिल सके ।

👉प्रारंभिक विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए ।

👉 उर्दू शिक्षकों को भी गैर योजना मद में शामिल किया जाए । ताकि ससमय प्रतिमाह वेतन भुगतान हो सके ।

👉2019 में नियुक्त शिक्षकों का वेतन भुगतान की प्रक्रिया का जल्द प्रारंभ की जाए । उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

इस  दौरान हुई वार्ता के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं : 

👉 अंतर जिला स्थानांतरण के मुद्दे पर शिक्षा सचिव का रुख सकारात्मक नहीं दिखा ।

निदेशक ने अंतर जिला स्थानांतरण पर सरकार के स्तर से रोक लगाए जाने की बात कही । अब अगली कड़ी में शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री से वार्ता करने की कोशिश की जाएगी ।

👉 सेवा संपुष्टि एवं सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन के मामले में शिक्षा सचिव द्वारा कहा गया कि जारी पत्र ट्टके आलोक में यदि शीघ्रता शीघ्र कार्य का संपादन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी ।

👉 वर्तमान 2019 में नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन शुरू करने के मामले पर शिक्षा सचिव ने वेतन भुगतान जल्द शुरू करने की बात कही है । सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन का काम जारी है ।

👉 अन्य सभी मांगों पर शिक्षा सचिव द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई । भेदभाव करने के मामले पर भी उनके द्वारा यह आश्वस्त किया गया कि , किसी भी नवनियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी मामले में भेदभाव नहीं किया जाएगा । और ना ही किसी के दबाव में कोई अनुचित कदम उठाया जाएगा ।

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